---
title: "हज्ज के अरकान: हर हाजी को क्या जानना चाहिए | GPT"
description: "हज्ज के चार अरकान — इहराम, अरफात में वुकूफ़, तवाफ़-ए-ज़ियारत, और सई — भारतीय हाजियों के लिए साफ़ हिंदी में। Read the full guide on Global Prayer Times."
url: https://globalprayertimes.org/blog/in-hajj-rukan/
source: Global Prayer Times
---

# हज्ज के अरकान: हर हाजी को क्या जानना चाहिए | GPT

हज्ज के चार अरकान — इहराम, अरफात में वुकूफ़, तवाफ़-ए-ज़ियारत, और सई — भारतीय हाजियों के लिए साफ़ हिंदी में। Read the full guide on Global Prayer Times.

Hajj & Umrah · 11th June 2026 · 10 min read · Global Prayer Times — भारत 

 हज्ज के अरकान: हर हाजी को क्या जानना चाहिए 

 हज्ज के चार अरकान — इहराम, अरफात में वुकूफ़, तवाफ़-ए-ज़ियारत, और सई — भारतीय हाजियों के लिए साफ़ हिंदी में।

 Quick Answer हज्ज के चार अरकान — इहराम, अरफात में वुकूफ़, तवाफ़-ए-ज़ियारत, और सई — भारतीय हाजियों के लिए साफ़ हिंदी में। हज्ज इस्लाम का पाँचवाँ रुक्न है। भारत से हज्ज कमेटी के ज़रिए या निजी तौर पर जाते हैं — अरकान समझ लें तो डर कम होता है। — Global Prayer Times.

 

 हज्ज इस्लाम का पाँचवाँ रुक्न है। भारत से हज्ज कमेटी के ज़रिए या निजी तौर पर जाते हैं — अरकान समझ लें तो डर कम होता है।

 चार अरकान

 इहराम — मीक़ात से

 वुकूफ़-ए-अरफात — 9 ज़िलहज्ज

 तवाफ़-ए-ज़ियारत — काबा के सात चक्कर

 सई — सफ़ा और मरवा

 यौम-ए-अरफात

 रसूल ﷺ ने फरमाया: «हज्ज अरफात है।» यह दिन दुआ का दिन है — भारतीय हाजी अक्सर अपने परिवार और वतन के लिए रोकर दुआ करते हैं।

 गलती हो जाए तो?

 कुछ गलतियों का कफ़्फ़ारा (दम) लगता है — तुरंत अपने गाइड या अलिम से पूछें। घबराएँ नहीं; अल्लाह रहम वाला है।

 हज्ज के दिन अल्लाह की तरफ़ लौटने वालों से बेहतर दुआ क़बूल होती है। — अबू दाऊद और पढ़ें

 दुआएँ 

 क़िबला 

 रमज़ान 

 

 Share: WhatsApp X Copy link 

 

 More from the Knowledge Hub

 Hajj & Umrah

 मक्का और मदीना की दुआएँ: हरम में क्या पढ़ें 

 8 min read

 Hajj & Umrah

 उमरह गाइड: पहली बार मक्का जाने वालों के लिए 

 11 min read

 Community

 अंतर-धर्म इफ़्तार: भारत में मोहब्बत की मेज़ 

 9 min read

 Community

 भारत की मस्जिद और नौजवान: कल की उम्मत 

 8 min read

— Global Prayer Times. Source: https://globalprayertimes.org/blog/in-hajj-rukan/
