---
title: "नमाज़ कैसे पढ़ें: भारतीय मुसलमानों के लिए पूरी रहनुमाई | GPT"
description: "वुज़ू से सलाम तक — फ़ज्र, ज़ुहर, अस्र, मग़रिब, इशा की नमाज़ का आसान हिंदी गाइड। दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की जामा नमाज़ की परंपरा के साथ।"
url: https://globalprayertimes.org/blog/in-namaz-kaise-padhe/
source: Global Prayer Times
---

# नमाज़ कैसे पढ़ें: भारतीय मुसलमानों के लिए पूरी रहनुमाई | GPT

वुज़ू से सलाम तक — फ़ज्र, ज़ुहर, अस्र, मग़रिब, इशा की नमाज़ का आसान हिंदी गाइड। दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की जामा नमाज़ की परंपरा के साथ।

Prayer Guides · 4th June 2026 · 12 min read · Global Prayer Times — भारत 

 नमाज़ कैसे पढ़ें: भारतीय मुसलमानों के लिए पूरी रहनुमाई 

 वुज़ू से सलाम तक — फ़ज्र, ज़ुहर, अस्र, मग़रिब, इशा की नमाज़ का आसान हिंदी गाइड। दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की जामा नमाज़ की परंपरा के साथ।

 Quick Answer वुज़ू से सलाम तक — फ़ज्र, ज़ुहर, अस्र, मग़रिब, इशा की नमाज़ का आसान हिंदी गाइड। दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की जामा नमाज़ की परंपरा के साथ। नमाज़ इस्लाम की सबसे नज़दीकी इबादत है — दिन में पाँच बार अल्लाह से मिलने का वक़्त। — Global Prayer Times.

 

 नमाज़ इस्लाम की सबसे नज़दीकी इबादत है — दिन में पाँच बार अल्लाह से मिलने का वक़्त। भारत में उर्दू, हिंदी और स्थानीय भाषाओं में «नमाज़» कहा जाता है; अरबी में «सलाह»। तरीक़ा एक ही है, चाहे आप दिल्ली की जामा मस्जिद में हों या मुंबई की मोहल्ला मस्जिद में।

 शुरुआत: वुज़ू और नीयत

 नमाज़ से पहले वुज़ू ज़रूरी है — पाक सफ़ाई। फिर क़िबला की ओर मुँह करके नीयत करें: कौन-सी नमाज़, कितनी रकअत। नीयत दिल में होती है, ज़बान से कहना ज़रूरी नहीं।

 एक रकअत का तरीक़ा

 तकबीर: «अल्लाहु अकबर» — हाथ कानों तक

 क़िराअत: सूरह फ़ातिहा और कोई सूरह

 रुकू: «सुब्हाना रब्बियल अज़ीम» — तीन बार

 सजदे: «सुब्हाना रब्बियल अला» — तीन बार, दो सजदे

 बैठकर तशह्हुद, फिर सलाम

 पाँच वक़्त की रकअत

 फ़ज्र: 2 सुन्नत + 2 फ़र्ज़

 ज़ुहर: 4 सुन्नत + 4 फ़र्ज़ + 2 सुन्नत

 अस्र: 4 सुन्नत + 4 फ़र्ज़

 मग़रिब: 3 फ़र्ज़ + 2 सुन्नत

 इशा: 4 सुन्नत + 4 फ़र्ज़ + 2 सुन्नत + 3 वितर

 जामा नमाज़ — भारतीय तरीक़ा

 भारत की अधिकांश मस्जिदें हनफ़ी फ़िकह पर चलती हैं — ज़ुहर, अस्र और इशा में इमाम खामोश रहता है, मुसल्ली ज़ोर से क़िराअत करता है। जामा नमाज़ की फ़ज़ीलत अकेले पढ़ने से सत्ताईस गुना ज़्यादा है — इसलिए मोहल्ला मस्जिद जाना आम है।

 नमाज़ मोमिन पर मुकरّर वक़्तों में फ़र्ज़ है। — सूरह निसा 4:103 और पढ़ें

 दिल्ली नमाज़ के वक़्त 

 क़िबला दिशा 

 मस्जिदें भारत में 

 

 Share: WhatsApp X Copy link 

 

 More from the Knowledge Hub

 Prayer Guides

 जुम्मा की नमाज़: भारत की मस्जिदों में शुक्रवार 

 9 min read

 Prayer Guides

 वुज़ू का सही तरीक़ा: पाकी की पहली सीढ़ी 

 8 min read

 Community

 अंतर-धर्म इफ़्तार: भारत में मोहब्बत की मेज़ 

 9 min read

 Community

 भारत की मस्जिद और नौजवान: कल की उम्मत 

 8 min read

— Global Prayer Times. Source: https://globalprayertimes.org/blog/in-namaz-kaise-padhe/
