नौजवान को मस्जid से दूर नहीं होना चाहिए — क्रिकet के बाद क़ुरआn की कक्षा, परीक्षा में मदद, मार्गदर्शन; यही तarbiyat है।
क्या चल सकता है
- सaptahant क़ुरआn मंडल
- करियर मार्गदर्शन
- दीन और दुनिया का संतुलन
- इफ़्तार में स्वयंसेवी टीम
शहर-शहर
बangalore के IT वाले, लucknow में कला से जुड़े युवा — सबको अपनी भाषा और मसail समझने चाहिए।
बुज़ुर्ग और नौजवान
इमाम और युवा मिलकर गाली-गली नहीं, संवाद; यही लखनउ की तहजीब है।
हम तुम्हारे लिए बीच की उम्मत बनाए ताके तुम गवाह हो।