Global Prayer Times
Community · · 9 min read ·Global Prayer Times — भारत

रमज़ान का मोहल्लa: पड़ोस, इफ़्तार, और जमाव

मोहल्लe में रमज़ान — छत पर सहरी, गली में इफ़्तार, बच्चों की तरावीh; भारत की समudayik ज़िंदगी।

रमज़ान मोहल्लe के बिना अधूरा लगता है — दादी की सहरी की आवाज़, बच्चों का शोर, मग़रिब पर गली में खजूर और पानी।

मोहल्लe की परंपरा

शहर अलग, दिल एक

दिल्ली की गलियाँ, हैदराबाद की हलीम, मुंबई का तट — हर शहर का अपना रंग, पर मोहब्बत एक जैसी।

नए पड़ोसी

पहली रमज़ान में नए पड़ोसी को इफ़्तार पर बुलाना — इस्लाम का पहला पैग़ाम था: पड़ोसी से प्यार और इज़्ज़त।

मुसलim वह है जिससे उसके हाथ और ज़बान से दूसरे महफ़ूज़ रहें।
— बुख़ारी
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