Global Prayer Times
Daily Duas · · 9 min read ·Global Prayer Times — भारत

नमाज़ के बाद की दुआ: हर फ़र्ज़ के बाद का वज़ीफ़ा

हर फ़र्ज़ नमाज़ के बाद अस्तग़फ़िरुल्लाह, तस्बीहात, आयतुल कुर्सी — namaz ke baad ki dua का पूरा तरीक़ा भारतीय मुसलमानों के लिए।

नमाज़ अल्लाह से सीधी बात है — और नमाज़ के बाद की दुआ उस बात का जवाब सुनने जैसा है। भारत की जामा नमाज़ों में भी कई लोग सलाम फेरने के बाद कुछ देर बैठकर अस्तग़फ़िरुल्लाह और तस्बीहात अदा करते हैं। यह सुन्नत है, न कि वक़्त की बर्बादी।

हर नमाज़ के तुरंत बाद

اللَّهُمَّ أَعِنِّي عَلَىٰ ذِكْرِكَ وَشُكْرِكَ وَحُسْنِ عِبَادَتِكَ

Allahumma a'inni 'ala dhikrika wa shukrika wa husni 'ibadatik

ऐ अल्लाह! मुझे अपने ज़िक्र, शुक्र और अच्छी इबादत में मदद दे।

(अबू दाऊद 1522)

फ़ज्र के बाद की ख़ास फ़ज़ीलत

फ़ज्र के बाद का ज़िक्र पूरे दिन की बरकत लाता है। दिल्ली की सर्द सुबहों में या हैदराबाद की गर्मियों में — फ़ज्र के बाद कुछ मिनट बैठना मुश्किल लग सकता है, मगर यही वक़्त दुआ क़बूल होने का है।

जामा नमाज़ में क्या करें?

जामा नमाज़ के बाद इमाम दुआ करता है — आप भी आमीन कहें। फिर अपनी जगह बैठकर तस्बीहात पूरा करें। भारतीय मस्जिदों में अक्सर पीछे की सफ़ों में लोग धीरे-धीरे यही करते हैं; शर्मिंदगी की बात नहीं, सुन्नत की बात है।

निश्चय ही नमाज़ मोमिनों पर मुकरّर वक़्तों में है।
— सूरह निसा 4:103
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