ज्वार के वक़्त समुद्र के बीच — हाजी अली मुंबई का सबसे प्यारा नज़ारा है। मुसलमान और ग़ैर-मुसलमान दोनों इज़्ज़त से आते हैं।
कहानी
सूफ़ी बुज़ुर्ग हाजी अली शाह बुखारी — उनकी मज़ार और मस्जिद यहाँ है; समुद्र ने कभी इसका हक़ नहीं छीना।
जुम्मा और रमज़ान
Marine Drive से चलकर आना; मग़रिब के बाद समुद्र की हवा और अज़ान — दिल को सुकून मिलता है।
अदब
सच्ची दुआ, शोर नहीं; महिलाओं के लिए अलग वक़्त हो सकता है — पहले पूछ लें।
जो अल्लाह को याद करे, अल्लाह उन्हें याद करता है।
और पढ़ें