Global Prayer Times
Prayer Guides · · 12 min read ·Global Prayer Times — भारत

नमाज़ कैसे पढ़ें: भारतीय मुसलमानों के लिए पूरी रहनुमाई

वुज़ू से सलाम तक — फ़ज्र, ज़ुहर, अस्र, मग़रिब, इशा की नमाज़ का आसान हिंदी गाइड। दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की जामा नमाज़ की परंपरा के साथ।

नमाज़ इस्लाम की सबसे नज़दीकी इबादत है — दिन में पाँच बार अल्लाह से मिलने का वक़्त। भारत में उर्दू, हिंदी और स्थानीय भाषाओं में «नमाज़» कहा जाता है; अरबी में «सलाह»। तरीक़ा एक ही है, चाहे आप दिल्ली की जामा मस्जिद में हों या मुंबई की मोहल्ला मस्जिद में।

शुरुआत: वुज़ू और नीयत

नमाज़ से पहले वुज़ू ज़रूरी है — पाक सफ़ाई। फिर क़िबला की ओर मुँह करके नीयत करें: कौन-सी नमाज़, कितनी रकअत। नीयत दिल में होती है, ज़बान से कहना ज़रूरी नहीं।

एक रकअत का तरीक़ा

पाँच वक़्त की रकअत

जामा नमाज़ — भारतीय तरीक़ा

भारत की अधिकांश मस्जिदें हनफ़ी फ़िकह पर चलती हैं — ज़ुहर, अस्र और इशा में इमाम खामोश रहता है, मुसल्ली ज़ोर से क़िराअत करता है। जामा नमाज़ की फ़ज़ीलत अकेले पढ़ने से सत्ताईस गुना ज़्यादा है — इसलिए मोहल्ला मस्जिद जाना आम है।

नमाज़ मोमिन पर मुकरّर वक़्तों में फ़र्ज़ है।
— सूरह निसा 4:103
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