Global Prayer Times
Prayer Guides · · 8 min read ·Global Prayer Times — भारत

वुज़ू का सही तरीक़ा: पाकी की पहली सीढ़ी

वुज़ू (wudu) कैसे करें — हर अंग का तरीक़ा, भूलें जो नहीं करनी चाहिए, और भारतीय गर्मी-सर्दी में पानी बचाने के सुझाव।

वुज़ू सिर्फ़ पानी से हाथ-मुँह धोना नहीं — यह नमाज़ की तैयारी है। रसूल अल्लाह ﷺ ने फरमाया: «जो शख़्स बिना वुज़ू के नमाज़ पढ़े, उसकी नमाज़ क़बूल नहीं।» भारत की गर्मियों में पानी की कमी वाले इलाक़ों में भी वुज़ू की पूरी सुन्नत अदा की जा सकती है — थोड़े पानी से, सही तरीक़े से।

वुज़ू की तरतीब

أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَٰهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ

Ash-hadu an la ilaha illallahu wahdahu la sharika lah, wa ash-hadu anna Muhammadan 'abduhu wa rasuluh

मैं गवाही देता/देती हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, और मुहम्मद ﷺ उसके बंदे और रसूल हैं।

(वुज़ू के बाद की दुआ)

वुज़ू टूटने की सूरतें

पेशाब, शौच, नींद गहरी, या खून-पीप बहने से वुज़ू टूट जाता है। भारत में कई लोग ऑफ़िस में वुज़ू कक्ष इस्तेमाल करते हैं — यह अदब का हिस्सा है; पानी बचाएँ, फर्श गीला न छोड़ें।

तयम्मुम — जब पानी न मिले

सफ़र में, बीमारी में, या पानी न हो तो तयम्मुम (पाक मिट्टी से) जायज़ है। भारत के ग्रामीण इलाक़ों में यह अक्सर ज़रूरी पड़ता है — फ़िकह इसकी इजाज़त देता है।

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