भारत से हर साल लाखों लोग उमरह करते हैं — दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद से उड़ानें। पहली बार जाने पर घबराहट होती है; तरीक़ा सीख लें तो सफ़र रूहानी हो जाता है।
इहराम
मीक़ात से पहले इहराम पहनें और नीयत करें। «लब्बैक अल्लाहुम्मा उम्रतन» — दिल से कहें।
لَبَّيْكَ اللَّهُمَّ لَبَّيْكَ، لَبَّيْكَ لَا شَرِيكَ لَكَ لَبَّيْكَ
Labbayk Allahumma labbayk, labbayka la sharika laka labbayk
ऐ अल्लाह, मैं हाज़िर हूँ, मैं हाज़िर हूँ; तेरा कोई शरीक नहीं, मैं हाज़िर हूँ।
(तलबिया)
तवाफ़ और सई
- हजर-ए-असवद से तवाफ़ — सात चक्कर
- मकाम इbrahim के पीछे दो रकअत
- सफ़ा-मरवा के बीच सई — सात चक्कर
- हल्क़ या क़स्र — इहराम खत्म
भारतीय सफ़र की तैयारी
पासपोर्ट, वीज़ा, टीका, और हल्के कपड़े। भारत से उड़ान अक्सर जेद्दah या मदीना — पहले से दुआएँ याद कर लें।
और अल्लाह के घर का हज्ज और उमरह अल्लाह के लिए पूरा करो।